जानिए मार्शल आर्ट में प्रहार करते समय छात्र तेज आवाज क्यों निकालते हैं।

आज हम जानेंगे कि मार्शल आर्ट में किक-पंच आदि की प्रैक्टिस करते समय या किसी पर अटैक करते समय मार्शल आर्ट छात्र तेज आवाज क्यों निकालते हैं।  

साथियों आप सभी ने देखा होगा कि मार्शल आर्ट मैं पंच, किक, ब्लॉक आदि की प्रैक्टिस करते समय या किसी पर अटैक करते समय सभी मार्शल आर्ट छात्र तेज आवाजें निकालते हैं। 

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मार्शल आर्ट में प्रैक्टिस के दौरान तेज आवाज निकालना एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन ज्यादातर लोग यह नहीं जानते कि मार्शल आर्ट में प्रैक्टिस के दौरान तेज आवाज क्यों निकालते हैं। और इसका क्या मतलब है।

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आपको बताते चलें की मार्शल आर्ट प्राचीन काल से ही आत्मरक्षा की एक सशक्त कला रही है। और इसी खासियत के चलते यह दुनिया की सबसे लोकप्रिय आर्ट है।  इसकी रूपरेखा भी मानव शैली को ध्यान में रखकर ही तैयार की गई है। इसे विज्ञान और आर्ट दोनों मानते हैं।  

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सबसे पहले हम यह जानेंगे कि छात्र मार्शल आर्ट में प्रैक्टिस के दौरान तेज आवाज क्यों निकालते हैं? इस सवाल के कई तथ्य हमारे पास है। जिनमें से हम कुछ जरूरी तथ्य आपको बताते हैं। जैसे कि मार्शल आर्ट में तेज आवाज के द्वारा छात्र अपने शरीर की आंतरिक शक्ति को संगठित करके किसी विशेष बिंदु पर एकत्रित करते हैं। 

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मार्शल आर्ट में किक, पंच और ब्लॉक करते समय कई तरह के शब्द तेज आवाज में बोले जाते हैं। जैसे- हमारी स्टाइल में "थीया" शब्द का प्रयोग किक या पंच की प्रैक्टिस या हमले के दौरान तेज आवाज में करते हैं। इसके अलावा ब्लॉक करते समय छात्र तेज आवाज में "हई" शब्द का प्रयोग करते हैं। 

स्टाइल के हिसाब से यह शब्द भी बदल जाते हैं, जैसे- एशियन मार्शल आर्ट में ज्यादातर "किआई"(KI AI) शब्द के प्रयोग का प्रचलन है। जिसका जापानी भाषा में मतलब है "ऊर्जा बितरित करना" होता हैं।